
पशु-पक्षी कथा
तिसिओ काओ
प्यासा कौआ
कंकड़ डालकर घड़े का पानी ऊपर लाने वाला चतुर कौआ।
गर्मी के मौसम में बहुत गर्मी थी। एक कौआ प्यासा था।
कौए ने पानी खोजा। वह इधर-उधर उड़ा।
तब उसने एक घड़ा देखा। घड़े में थोड़ा पानी था।
कौए ने पानी चाहा। किन्तु उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुँची।
कौआ रोया नहीं। उसने सोचा। तब उसने घड़े के पास कंकड़ देखे।
कौए ने एक-एक कंकड़ चोंच से घड़े में डाला।
धीरे-धीरे पानी ऊपर आया।
कौए ने ठंडा पानी पिया। वह प्रसन्न हुआ और उड़ गया।
सीख
जत्थ इच्छा, तत्थ उवाओ।
जहाँ चाह, वहाँ राह।
कथा के शब्द
- गिम्हकालेगर्मी के मौसम में
- उण्हंगर्मी, गरम
- काओकौआ
- तिसिओप्यासा
- गवेसीअखोजा
- उड्डीअउड़ा
- घडंघड़े को
- थोवंथोड़ा
- चंचूचोंच
- सक्कराओकंकड़ (बहुवचन)
- पाडीअगिराया, डाला
- सणियंधीरे
- पिबीअपिया
- तुट्ठोप्रसन्न, संतुष्ट
समझ जाँचिए
1. कौआ क्या खोज रहा था?
2. कौए ने घड़े में क्या डाला?
3. पानी पीकर कौआ कैसा हुआ?